दूल्हा हमेशा घोड़ी पर ही क्यों बैठता है, घोड़े पर क्यों नहीं? क्या आपको सही जवाब पता है! - Freshers Quiz

दूल्हा हमेशा घोड़ी पर ही क्यों बैठता है, घोड़े पर क्यों नहीं? क्या आपको सही जवाब पता है!

हमारे देश में शादी का सीजन शुरू हो चुका है। एक रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस सीजन में देशभर में 40 लाख शादियां होंगी और करोड़ों का कारोबर हो जाएगा। शादियों से जुड़ी ऐसी कई बातें हैं जिन्हें लोग देखते हैं, उसका लुत्फ उठाते हैं पर उसके पीछे के कारण का उन्हें नहीं पता होता। क्या आप जानते हैं कि बारात ले जाते वक्त दूल्हा घोड़ी पर ही क्यों बैठता है, घोड़े पर क्यों नहीं? चलिए इसका जवाब आपको बताते हैं.

दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गूगल पर इस सवाल किया है। सवाल तो रोचक है। इस वजह से लोगों ने बढ़-चढ़कर इसका उत्तर दिया है। ये सारे जवाब आम लोगों के हैं।

गूगल पर लोगों ने ये दिया जवाब

ज्योति तिवारी ने कहा- बारात में हाथी पर भी दूल्हा जा सकता है। मगर हाथी पर जाना सबके बस की बात नहीं है। हाथी पर जाने का मतलब सिर्फ हाथी ही दिखाई देगा बारात में। सवारी के लिए कुछ ही जानवरों का इस्तेमाल किया जाता है जैसे हाथी, घोड़ा और ऊंट। इन तीनों में से घोड़ी का चयन ही सही है क्योंकि इसे नियंत्रित करना आसान होता है। आप उसी की सवारी करना पसंद करते हैं जिस पर नियंत्रण करना सरल हो।

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गौतमी कपूर नाम की एक यूजर ने कहा- “दुल्हन के सामने वर (पुरुष) आना चाहिये, दुल्हन की पहली नजर अपने वर (पुरुष) पर पड़नी चाहिये। दूल्हा जब घोड़ा/घोड़ी पर बैठ के आता है, दुल्हन आंख खोलती है तो उसकी नजर दूल्हे से पहले उसके वाहन पर पड़ती है। घोड़ा नर (पुरुष) है, इसलिये दूल्हे को घोड़ी पर बैठाते हैं। जिससे दुल्हन की पहली नजर में पुरुष दूल्हा ही हो।”

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मुनमुन देवी नाम की यूजर ने कहा- “एक मान्यता के अनुसार घोड़ी बुद्धिमान, चतुर और दक्ष होती है। उसे सिर्फ स्वस्थ और योग्य व्यक्ति ही नियंत्रित कर सकता है। दूल्हे का घोड़ी पर आना इस बात का प्रतीक है कि घोड़ी की बागडोर संभालने वाला पुरुष, अपने परिवार और पत्नी की बागडोर भी अच्छे से संभाल सकता है।”

इस प्रथा के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण

कई रिपोर्ट्स में इस सवाल का जवाब दिया है, हालांकि, इस प्रथा के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है. मंगल परिणय नाम की वेबसाइट के अनुसार घोड़ी को ज्यादा चंचल माना जाता है. जब दूल्हा घोड़ी की सवारी कर के दुल्हन को लेने आता है, तो ये इस बात का प्रतीक है कि दूल्हे ने अपने चंचल व्यवहार पर काबू पा लिया है और अब वो जिम्मेदारियां उठाने लायक हो चुका है. हालांकि, ऊपर दिए एक जवाब को भी कई जगहों पर जोड़ा गया है, जिसके अनुसार घोड़ा नर है, इस वजह से दुल्हन जब पहली बार अपने वर को देखती है, तो उसकी नजरों के सामने एक ही पुरुष या नर होना चाहिए, यही कारण है कि घोड़े का इस्तेमाल ना होकर घोड़ी का इस्तेमाल होता है. क्या आपको इसकी जानकारी थी?

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